Rama Bhujanga Prayata Stotram
Rāmabhujaṅgaprayātastotram
Chant
नमस्ते नमस्ते ओबेइसन्चे तो य़ोउ! ओवेर् अन्द् ओवेर् समस्त प्रपञ्च प्रभोग प्रयोग प्रमाण प्रवीण मदीयं मनस् त्वत् पद द्वन्द्व सेवां विधातुं प्रवृत्तं सुचैतन्य सिद्ध्यै शिलापि त्वदन्घ्रिक्षमासङ्गिरेणु प्रसादाद्धि चैतन्यमाधत्त राम नरस्त्वत्पदद्वन्द्वसेवाविधाना त्सुचैतन्यमेतेति किं चित्रमद्य ॥16॥
Chant mode: study note hidden
Switch to Study above to see the editorial study note.