Rama Bhujanga Prayata Stotram
Rāmabhujaṅgaprayātastotram
Chant
हरे राम सीतपते रावणारे खरारे मुरारे असुरारे पर इति लपन्तम् सदाकालमेव नयन्तम् समालोकय आलोकय अशेषबन्धो नमस्ते सुमित्रासुपुत्राभिवन्द्य नमस्ते सदा कैकयीनन्दनेड्य नमस्ते सदा वानराधीशवन्द्य नमस्ते नमस्ते सदा रामचन्द्र ॥27॥
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